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तीन लालची दोस्तों 👨 👨 👩 की पंचतंत्र कहानी: Hindi Kahaniyan

तीन लालची दोस्तों की पंचतंत्र कहानी

Three Greedy Friends Panchtantra Story

     एक गाँव मे रहते थे तीन दोस्त बिल्लू, नीलू और पिंकु। तीनों की दोस्ती बहुत पक्की थी, बिल्लू और नीलू बहुत चतुर थे, कोई भी काम बहुत सोच समझ कर किया करते थे, दूसरी ओर पिंकु थोड़ा लपरवाह था एक बार पिंकु, बिल्लू और नीलू के पास आया, और कहा, "ओ बिल्लू, नीलू आज हमे आम की खेत पर जाना था ना भूल गए।" बिल्लू: "अरे हाँ मै तो भूल ही गया, लेकिन उस खेत तक जाने के लिए वन को पार करना होगा ना।" नीलू: "अरे, केवल वन नहीं वहा पर पूरे जंगली जानवर भी है", नहीं बाबा नहीं मै नहीं आ सकती, मुझे डर लगेगा. पिंकु: "अरे यार, वहाँ कोई जंगली जानवर नहीं है, लोग हर रोज उसी रास्ते से आना जाना करते है", चलो ना चलते है। बिल्लू: "पिंकु लेकिन मैंने अपने मा- बापू को नहीं बताया है"। जब तक हम आएंगे शाम हो जाएगी, हम कभी और जायेगे। पिंकु: "ओफहों, तुम अपना सारा काम मा- बापू से पूछ कर करते हो क्या?, अगर तुम उनसे पूछोगे तो वे तुम्हें अनुमति नहीं देंगे, चलो हम जल्दी चलते है। नीलू: "ठीक है- ठीक है परंतु कुछ भी गड़बड़ हुआ तो हमे एक दूसरे की सहायता करनी होगी",किसी को भी पीछे नहीं छोड़ेगे, ठीक है ना |  पिंकु: अच्छा- अच्छा ठीक है, अब चलो तो सही।
       तीनों दोस्त, वन की ओर चल पड़े लेकिन, तीनों बहुत डरे हुए थे, क्योंकि बचपन से वे सब एक भयानक जानवर की कहानी सुनते आए है, जो उसी जंगल मे रहता था। थोड़ा अंदर जाते ही, उन्हे एक तेज आवाज सुनाई दिया, तीनों झट से रुक गए और आस- पास देखने लगे, की ये आवाज आई कहा से, अचानक पीछे मूड कर देखा तो उसके पीछे था, एक बडा सा भालू । तीनों भयभीत होकर वहाँ से भागने लगे और एक पेड़ के पीछे छिप गए। बिल्लू: "हे भगवान भालू आ गया, अब क्या करे.."  पिंकु: "बिल्लू ,नीलू इस पेड़ को चड़ने मे मेरी मदद करो ऊपर जाने के बाद मै तुम दोनों को खिच लूँगा"। जैसा पिंकु ने कहा, दोनों ने वैसा ही किया। नीलू: "पिंकु अब तुम अपना हाथ दो, अरे अपना हाँथ क्यों नहीं दे रहे हो, जल्दी करो, भालू आ रहा है. पिंकु: "आ... वैसे यहाँ एक ही बैठ सकता है", तुम लोग कहाँ बैठोगे? बिल्लू और नीलू को पिंकु के ऐसा बोलने पर समझ नहीं आया, भालू और पास आने लगा। बिल्लू :"मेरी दोस्त नीलू अगर हम जमींन पर गिर कर मरने का नाटक कारेगें, तो शायद, भालु हमे कुछ नहीं करेगा"| नीलू: "हा बिल्लू, अब यही करेंगे"| दोनों दोस्त जमीन पर गिर कर, मरने का नाटक करने लगे, भालू उनके पास आया, और उन्हे सुघने लगे, दोनों को मरा हुआ समझकर, भालू वहा से चला गया|
       पिंकु: अरे वाह... तुम दोनों ने तो भालू से अच्छे से छुटकारा पा लिया, भाग्यशाली हो जो तुम दोनों को भालू ने खाया नहीं| बिल्लू: "हा बाल-बाल बच गए"| पिंकु: "लेकिन नीलू भालू तुम्हारे बहुत पास आया था, उसने तुम लोगों से कुछ कहा क्या"? नीलू: "हाँ, उसने तुम जैसों से दोस्ती ना करने को कहा, अब मै तुमसे कभी बात नहीं करूंगी"। पिंकु: पहले तुम मुझे नीचे उतारने मे मदद करो, बिल्लू: "नहीं"। पिंकु: भालू ने कहा की "तुम जैसों की सहायता करने मे कोई लाभ नहीं", तुम वही बैठो, हम अब गाँव वापस जा रहे है"| दोनों निराश और गुस्सा होकर, वह से चले गए, पिंकु पेड़ पर बैठ कर, बस उनको देखता रहा |

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