सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

मार्च, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्वर्ण हँस 🦢 की हिन्दी कहानी- Hindi Kahaniya

स्वर्ण हँस की हिन्दी कहानी  एक बार एक पंडित और उसकी पत्नी गाँव मे रहते थे, वे एक छोटे से घर 🏠 मे एक नदी किनारे रहते थे, वे बहुत गरीब थे और जीवन यापन करने के लिए बहुत संघर्ष करते थे। पंडित अपनी पत्नी को कई शुख-भोग देकर खुश करना चाहते थे। एक दिन पंडित, झील के किनारे बैठे थे, जब उसकी पत्नी रसोई मे काम कर रही थी, पंडित शांति पूर्ण दोपहर मे कुछ प्रार्थना कर रहे थे, जब उसने अपने आंखे खोली तो देखा की, एक सुंदर शुनहरे रंग की हंस 🦢 उसके तरफ आ रहा है, हँस के पास कई चमकीले सुनहरे पंख थे, जो बहुत सुंदर थे। हंस नदी किनारे चला गया और पंडित का विवादन किया "हे पंडित मैंने देखा है, की तुम और तुम्हारी पत्नी बहुत कठिन जिंदगी जीते हो" मै तुम जैसे अच्छे लोगों की मदद करना चाहता हूँ | पंडित के कहा "तुम बहुत अच्छे हो मेरे दोस्त, भगवान ने हमारी सुन ली", तुम्हारे पंख कितने सुंदर है क्या ये असली सोने के है?| हँस के कहा "जी हाँ ये असली सोने के है", मै एक-एक सुनहसरे पंख देकर तुम्हारी मदद करना चाहती हूँ, और आप उन्हे बेच सकते है, और उनके द्वारा जुटाए गए पैसों से आप लोग आसानी से आराम…

तीन लालची दोस्तों 👨 👨 👩 की पंचतंत्र कहानी: Hindi Kahaniyan

तीन लालची दोस्तों की पंचतंत्र कहानी
एक गाँव मे रहते थे तीन दोस्त बिल्लू,नीलूऔर पिंकु। तीनों की दोस्ती बहुत पक्की थी,बिल्लू और नीलू बहुत चतुर थे,कोई भी काम बहुत सोच समझ कर किया करते थे, दूसरी ओर पिंकु थोड़ा लपरवाह था । एक बार पिंकु,बिल्लू और नीलू के पास आया, और कहा, "ओ बिल्लू, नीलू आज हमे आम की खेत पर जाना था ना भूल गए।" बिल्लू: "अरे हाँ मै तो भूल ही गया, लेकिन उस खेत तक जाने के लिए वन को पार करना होगा ना।" नीलू: "अरे, केवल वन नहीं वहा पर पूरे जंगली जानवर भी है", नहीं बाबा नहीं मै नहीं आ सकती, मुझे डर लगेगा. पिंकु: "अरे यार, वहाँ कोई जंगली जानवर नहीं है, लोग हर रोज उसी रास्ते से आना जाना करते है", चलो ना चलते है। बिल्लू: "पिंकु लेकिन मैंने अपने मा- बापू को नहीं बताया है"। जब तक हम आएंगे शाम हो जाएगी, हम कभी और जायेगे। पिंकु: "ओफहों, तुम अपना सारा काम मा- बापू से पूछ कर करते हो क्या?, अगर तुम उनसे पूछोगे तो वे तुम्हें अनुमति नहीं देंगे, चलो हम जल्दी चलते है। नीलू: "ठीक है- ठीक है परंतु कुछ भी गड़बड़ हुआ तो हमे एक दूसरे की सहायता क…

सोने की चिड़िया 🐦की हिन्दी कहानी - Hindi Kahaniya

सोने की चिड़िया 🐦 की हिन्दी कहानी      एक बार एक पहाड़ी ⛰️ पर, एक विशाल वृक्ष 🌳पर सिंधुका नाम की एक विशेष पक्षी 🐦 रहता था। उस पक्षी की खाशियत यह थी, की जब उस पक्षी की बूंद 💧 धरती पर गिरती तो वह शुद्ध सोने मे बदल जाता । वह उस पेड़ 🌳 पर अकेला रहता था, और अपना जीवन खुशी-खुशी व्यतित कर रहा था। 
एक दिन वहाँ उस चोटी ⛰️ पर एक शिकारी पक्षीयो की तलास मे घूम रहा था, कई घंटे बाद जब वो किसी भी पक्षी 🐦 को पकड़ने मे सक्षम नहीं था, तब उसने विशाल पेड़ 🌳के नीचे आराम करने का फैसला किया। बस जहां शिकारी सोने ही लगा था, की तभी अचानक पक्षी 🐦 ने अपने बूंदों 💧💧 को गिरा दिया, और वह सोने मे बदल गया। शिकारी के आँखों 🙄 के ठीक बगल मे सोने का टुकड़ा गिरा, शिकारी ने उसे देखा और पेड़ पर बैठा चिड़िया को देखा। उसी समय पक्षी ने दूसरा बूंद 💧 गिराई, तो उस शिकारी ने जमीन पर उसे सोने मे बदलते देखा, इन सब ने शिकारी को हैरान कर दिया था, वह सोचने लगा की मै कई वर्ष से पक्षी 🐦 पकड़ रहा हु लेकिन ऐसा पक्षी 🐦 मैंने कभी नहीं देखा. यहाँ तक की ना तो मैंने एसा पक्षी 🐦 के बारे मे सुना है | जिनके बुँदे 💧 सोने मे बदल जाता है। यह नि…

बगुले 🦢 की हिन्दी कहानी Bagule Ki Kahani

बगुला उड़ गया जापान मे एक साधारण चरवाहा था|उसका नाम था मूसाई| एक दिन वह गाये🐄🐄चरा रहा था|एक बगुला🦢उड़ता आया और उसके पैरों के पास गिर पड़ा|मूसाई ने बगुले को उठा लिया|संभवतः बाज🦅ने बगुले को घायल कर दिया था|उजले पंखों पर रक्त के लाल-लाल बिन्दु थे|बेचारा पक्षी🦢बार-बार मुख फाड़ राहा था|मूसाई ने प्यार से उस पर हाथ फेरा|जल के समीप ले जाकर उसकेपंख धोए|थोड़ा जल चोंच मे भी डाल दिया|पक्षी🦢मे साहस आया|थोड़ी देर मे वह उड़ गया|इसके थोड़े दिन बाद एक सुंदर धनवान लड़की ने मूसाई के माता से प्रार्थना की और उससे मूसाई का विवाह हो गया|
मूसाई बहुत प्रसन्न😃था,उसकी स्त्री 👩 बहुत भली थी|वह मूसाई और उसकी माता की बहुत मन लगाकर सेवा करती थी|वह घर का सब काम अपने- आप कर लेती थी|मूसाई की माता तो अपने बेटे की स्त्री की गाँव भर मे प्रशंसा ही करती फिरती थी|उसे घर के किसी भी काम मे तनिक भी हाथ नहीं लगाना पड़ता था|
      भाग्य की बात – देश मे अकाल पड़ा|खेतों मे कुछ हुआ नहीं|मूसाई मजदूरी की खोज मे माता तथा स्त्री👩के साथ टोकियो नगर मे आया|मजदूरी कहाँ जल्दी मिलती है ? मूसाई के पास के पैसे खर्च हो गए थे|उसको उपवास करना पड़ा|तब …

कछुवा 🐢 गुरु की हिन्दी कहानी - Turtle Hindi Story

कछुवा गुरु की हिन्दी कहानी - Turtle Hindi Story       एक बुड़े  👴 आदमी थे | गंगा किनारे 🌊 रहते थे | उन्होंने एक झोपड़ी बना ली थी | झोपड़ी मे एक तख्त था, जल से भरा मिट्टी का एक घड़ा रहता था और उन्होंने एक कछुआ 🐢 पाल रखा था | पास की बस्ती मे दोपहर मे रोटी मांगने जाते तो थोड़ा चने भी मांग लाते | वे कछुआ 🐢 को भीगे चने खिलाया करते थे | एक दिन किसी ने पूछा –‘आपने यह क्या गंदी जीव पाल रखा है, फेंक दीजिए इसे गंगा जी मे |’ बुड़े बाबा 👴 बड़े बिगड़े | वे कहने लगे – ‘तुम मेरे गुरु बाबा का अपमान करते हो ? देखते नहीं की तनिक -सी आहट पाकर या किसी के साधारण स्पर्श से अपने सब अंग भीतर खींच कर कैसे गुड़मुड़ी हो जाते है | चाहे जितना हिलाओ – डुलाओ, वे एक पैर तक ना हिलायेगे |

‘इससे क्या हो गया ? उसने पूछा |

‘हो क्यों नहीं गया ! मनुष्य को भी इसी प्रकार सावधान रहना चाहिए, लोभ – लालच और भीड़-भाड़ मे नेत्र मूँद कर राम-राम करना चाहिए |

सच्ची बात तो यह है की वे किसी को देखते ही भागकर झोपड़ी मे घुस जाते थे और जोर-जोर से ‘राम-राम’ बोलने लगते | पुकारने पर बोलते ही नहीं थे | आज पता नहीं कैसे बोल रहे थे | उस आदमी ने कहा –‘चाहे …